Tuesday, 16 August 2011

क्या आप भी पेनकिलर एडिक्ट हैं?

माइग्रेन, आर्थराइटिस या शरीर के किसी भी हिस्से में होने वाले दर्द से तुरंत मुक्ति पाने के लिए ज्यादातर लोग पेनकिलर्स का सहारा लेते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि दर्द निवारक दवाओं का इतना सेवन नहीं करना चाहिए कि वह आदत बन जाए, क्योंकि इसके कई दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। आइए जानते हैं इससे होने वाले नुकसान के बारे में..

कब्ज

आमतौर पर शरीर में होने वाले किसी भी प्रकार के दर्द को सहन करने की बजाय यदि आप कभी भी पेनकिलर्स का सेवन कर लेते हैं तो इससे कब्ज की शिकायत भी होने लगती है। इसमें मौजूद कई केमिकल्स के कारण ऐसा होता है।

सुस्ती आना

पेनकिलर्स व्यक्ति के नर्वस सिस्टम पर भी नकारात्मक असर डालती है। इसी कारण पेनकिलर खाने के बाद व्यक्ति को नींद-सी आने लगती है या सुस्ती महसूस होती है। इन दवाइयों में ऐसे केमिकल्स का प्रयोग किया जाता है, जो पीड़ित को दर्द की अनुभूति नहीं होने देते हैं।

हृदय संबंधित विकार

इन दवाइयों से हृदय की कार्यप्रणाली और श्वसन-प्रणाली पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। इससे हृदय गति अनियंत्रित होती है और रक्त संचार सामान्य नहीं रहता है। ऐसे में हृदय रोगों का खतरा बढ़ता है।

लिवर के लिए हानिकारक

पेनकिलर्स खाने की लत पीड़ित के लिवर को भी क्षति पहुंचा सकती है, इसलिए इसके अधिक सेवन से बचें।

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