Thursday, 18 August 2011

तारीख नहीं तिथि के अनुसार मनाएं बर्थ-डे क्योंकि...

चार (1)
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हर व्यक्ति के लिए उसका जन्मदिन बहुत विशेष होता है। यही कारण है कि इस दिन को हर व्यक्ति अपने तरीके से मनाना पसंद करता है। कुछ लोग पूजा-पाठ करते हैं तो कुछ लोग पार्टी मनाकर व केक काटकर अपना जन्मदिन मनाते है।





लेकिन हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार वर्तमान में जन्मदिन मनाने का जो तरीका है। वह सही नहीं है। हमारे यहां पश्चिमी संस्कृति के बढ़ते प्रभाव के कारण अब लगभग सारे लोग अपना जन्मदिन तिथि के अनुसार नहीं मनाते हैं। लेकिन धर्मशास्त्रों के अनुसार जन्मदिन हमेशा तिथि के अनुसार ही मनाना चाहिए।




जिस तिथिपर हमारा जन्म होता है, उस तिथि के स्पंदन हमारे स्पंदनोंसे सर्वाधिक मेल खाते हैं । इसलिए उस तिथिपर परिजनों एवं हितचिंतकोंद्वारा हमें दी गई शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद सर्वाधिक फलित होते हैं । इसलिए जन्मदिन तिथि के अनुसार मनाना चाहिए।





साथ ही पश्चिमी संस्कृति का अनुकरण कर लोग मोमबत्तियां जलाकर एवं केक काटकर जन्मदिन मनाते हैं । मोमबत्ती तमोगुणी होती है उसे जलानेसे कष्टदायक स्पंदन प्रक्षेपित होते हैं। उसी प्रकार हिंदू धर्म में ज्योत बुझाने की कृति अशुभ मानी गई है। इसीलिए जन्मदिनपर मोमबत्ती जलानेके उपरांत उसे जानबूझकर न बुझाएं।

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