दर्द निवारक गोलियों का इस्तेमाल अगर आप लगातार करते हैं तो सावधान हो जाइए क्योंकि शोधकर्ताओं का कहना है कि यह शरीर के अन्य अंगों के दर्द को कम कर देता है लेकिन दिल का दर्द बढ़ा देता है।
डेनमार्क के आरहस वियवविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पहली बार बताया है कि इबूप्रोफेन और एस्पिरिन जैसी दर्द निवारक गोलियों का सेवन अनियमित ह्वदय गति का कारण बन सकता हैं। इन गोलियों के सेवन से दिल की धडकन के अनियमित होने का खतरा 40 प्रतिशत तक बढ जाता है।
इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती 32,602 मरीजों के स्वास्थ्य का अध्ययन किया। अध्ययन में पता चला कि जिन मरीजों ने हाल में ही दर्द निवारक दवाइयां लेनी शुरू की थी उनकी ह्दयगति के अनियमित होने का खतरा बाकियों की तुलना में 40 प्रतिशत तक बढ गया था।
यह शोध इस बात की ओर संकेत करता है कि दर्द निवारक गोलियों के सेवन और अनियमित ह्दय गति के बीच गहरा संबंध है।
डेनमार्क के आरहस वियवविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पहली बार बताया है कि इबूप्रोफेन और एस्पिरिन जैसी दर्द निवारक गोलियों का सेवन अनियमित ह्वदय गति का कारण बन सकता हैं। इन गोलियों के सेवन से दिल की धडकन के अनियमित होने का खतरा 40 प्रतिशत तक बढ जाता है।
इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती 32,602 मरीजों के स्वास्थ्य का अध्ययन किया। अध्ययन में पता चला कि जिन मरीजों ने हाल में ही दर्द निवारक दवाइयां लेनी शुरू की थी उनकी ह्दयगति के अनियमित होने का खतरा बाकियों की तुलना में 40 प्रतिशत तक बढ गया था।
यह शोध इस बात की ओर संकेत करता है कि दर्द निवारक गोलियों के सेवन और अनियमित ह्दय गति के बीच गहरा संबंध है।
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